पैसा कमाना एक ऐसी इच्छा है जो हर व्यक्ति के अंदर होती है। पैसा हर किसी को चाहिए। आदमी , औरत, बूढ़े, बुजुर्ग, विवाहित, अविवाहित। आज के समय में पैसों के बिना किसी का भी काम नहीं चलता। यूं तो पैसे कमाना कोई काम नहीं है यह एक उद्देश्य है जो लगभग हर किसी के जीवन में होता है। परिवार की जिम्मेदारियां, अपनी जरूरतें,समाज में सम्मान , भविष्य की सुरक्षा सब कुछ पैसों या आय पर ही टिकी है। एक तरह से पूरा बाज़ार हमारी जेब में रखे पैसों या हमारी क्रेडिट लिमिट के आसपास घूमती है।सुंदर - सुंदर दुकानों में सजे कपड़ों के प्राइस टैग हमारी जेब को चिढ़ाते हुए लगते हैं... कंगाली के दिन इंसान के जीवन में गाली के समान होते हैं। अपना आप भी खुद को बुरा लगने लगता है। बच्चों की आंखों में खुशियों की चमक बाज़ार में उन्हें दिलवाए गए खिलौनों की कीमत तय करती है। दोस्तों! पैसे आज के समय में अपना आत्म सम्मान बनाए रखने ये लिए भी जरूरी हो गए हैं। आपकी डिग्रियों, आप की प्रतिभा की तब कोई कीमत नहीं रह जाती जब आप बेरोजगार होते हैं या आप के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं होता। गांवों में आजभी उन्हीं की इज्जत होती है जिनके...
खास होना किसे अच्छा नहीं लगता.. भीड़ में अलग होना, लोगों पर अपनी अलग छाप छोड़ना.. दूसरों के मन में बस जाना.. हम सब की ख़्वाहिश होती है कि हमें लोग प्यार करें... हमें चाहें, हमें सराहें लेकिन ऐसा हो नहीं हो पाता। सब के पास मित्र होते हैं और सब के अपने शत्रु होते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि हमें मालूम हो कि हम कैसे हैं?हमारी खूबियां, खामियां, उपलब्धियां, सफलताएं असफलताएं हमारे अंदर के गुण और हमारे राज यह सब हमें पता होना चाहिए। हमें यह भी पता होना चाहिए कि क्या हम बहुत बेहतर कर सकते हैं और क्या हम नहीं कर सकते । हमारी सीमाएं क्या है? आज हम जानेंगे कि अपने व्यक्तित्व को और बेहतर कैसे बना सकते हैं? सबसे पहले हमें अपने व्यक्तित्व का एक आकलन करना पड़ेगा कि हम कैसे हैं और आकलन करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर हमें विचार करना होगा। सबसे पहला कि हमारी पर्सनालिटी या व्यक्तित्व किस प्रकार का है । हम अपने व्यक्तित्व को दो प्रकार से समझ सकते हैं। सबसे पहला है कि हमारा वाह्य व्यक्तित्व या बाहरी व्यक्तित्व किस प्रकार का है और दूसरा यह है कि हम अंदर से किस प्रकार के हैं अर्...
जमशेदपुर।सामाजिक संस्था यूथ यूनिटी फॉर वोलंटरी एक्शन ( युवा ) एवं कॉमिक रिलीफ क्रिया के संयुक्त तत्वावधान में पोटका प्रखंड के हरिणा में जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ तीन दिवसीय जागरूकता शिविर कल से शुरु हुआ और यह जागरूकता शिविर 18 जून तक चलाया जाएगा | इस शिविर का नेतृत्व पोटका प्रखंड की 15 पंचायत की लड़कियों एवं महिलाओं द्वारा किया जा रहा है | शिविर के दूसरे दिन भी महिलाओं के साथ हो रही हिंसा और बढ़ती असुरक्षा को लेकर लोगों से बात की गई । हिंसा की पहचान जैसे शारिरिक, मानसिक, यौनिक, भावनात्मक, आर्थिक और डिजिटल हिंसा पर जानकारी दी गई। महिलाएं अपने साथ हो रही हिंसा की पहचान करें और इसका विरोध करें । लड़कियों का पहनावा, गतिशीलता, शिक्षा, शादी, पसंद, निर्णय लेने को लेकर भेदभाव हो रहा है आज भी घर में, समाज में लड़कियों महिलाओं की यौनिकता को नियंत्रित किया जा रहा है और उनको अधिकारों से वंचित किया जा रहा हैं । शिविर में आई महिलाओं ने कहा कि जो लडकियां, महिलाएं खुद के साथ या अपने आस पास हो रही हिंसा का विरोध करती है उन्हें बुरी महिला कहा जाता है और चुप करा दिया जाता है ।हिंसा की प...
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